हस्तरेखा विज्ञान (Palmistry) में यात्रा रेखाएँ (Travel Lines) हथेली पर बनती सूक्ष्म क्षैतिज रेखाएँ हैं, जो प्रमुख यात्राओं, विदेश प्रवास (Foreign Settlement) और जीवन के नए अवसरों को दर्शाती हैं। प्राचीन भारतीय सामुद्रिक शास्त्र (Samudrika Shastra) से लेकर आधुनिक हस्तरेखा लेखकों तक, यह माना गया है कि चंद्र पर्वत (Mount of Moon) के निकट बनी … Continued
Read More >सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, हथेली पर तिल होना व्यक्ति के स्वभाव, धन और भाग्य का संकेत देता है। दाहिने हाथ में तिल अक्सर शुभ माना जाता है, जबकि इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि तिल किस पर्वत या रेखा पर स्थित है। यहाँ दी गई जानकारी हस्तरेखा शास्त्र, भारतीय एवं चीनी ज्योतिष, … Continued
Read More >क्या आपने कभी अपनी हथेली की रेखाओं को ध्यान से देखकर यह सोचा है कि वे आपके भविष्य, करियर और प्रेम जीवन के बारे में कौन-से संकेत देती हैं? हस्तरेखा ज्ञान (Hast rekha gyan) सदियों से भारतीय ज्योतिष परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यह केवल भविष्य जानने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्म-समझ और … Continued
Read More >Are you wondering if wealth is written on your hands? The 5 most lucky signs in palmistry (हस्तरेखा) for extreme wealth and success include the Trident on the Sun Line, a Star on the Apollo Mount, the Flag Sign, the Fish Sign, and the famous Money Triangle. Here is how to find them. हस्तरेखा (Palmistry) … Continued
Read More >हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) भारतीय वैदिक ज्ञान (Vedic Knowledge) की एक प्राचीन और गहन शाखा है, जिसे सामुद्रिक शास्त्र (Samudrik Shastra) के नाम से जाना जाता है। इस शास्त्र की रचना महर्षि समुद्र (Maharshi Samudra) से जोड़ी जाती है और इसमें केवल हथेली की रेखाओं (Palm Lines) का ही नहीं, बल्कि शरीर के विभिन्न अंगों की … Continued
Read More >हस्तरेखा शास्त्र एक प्राचीन विद्या है जो व्यक्ति के हाथ की रेखाओं, पर्वतों और आकारों के माध्यम से उसके स्वभाव, विचारधारा और भविष्य के बारे में जानने का दावा करती है। हालांकि यह विद्या सदियों से प्रचलित रही है और भारत, चीन, मिस्र तथा यूनान जैसी सभ्यताओं में इसका गहरा महत्व रहा है, परंतु वैज्ञानिक … Continued
Read More >भारतीय सामुद्रिक शास्त्र (Samudrik Shastra) के अनुसार, हथेली के पर्वत (Palm Mounts) केवल उभरे हुए भाग नहीं होते, बल्कि इन्हें शरीर के ऊर्जा केंद्र (Energy Centers) माना जाता है। प्रत्येक पर्वत का संबंध सौर मंडल (Solar System) के किसी न किसी ग्रह (Planetary Energy) से होता है, जिससे व्यक्ति मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक ऊर्जा प्राप्त … Continued
Read More >जीवन रेखा (Life Line)
यह रेखा अंगूठे के पास से शुरू होकर हथेली के निचले हिस्से की ओर जाती है।
यह व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, जीवन शक्ति और जीवन में आने वाले महत्वपूर्ण बदलावों को दर्शाती है।
यह रेखा लंबी हो या छोटी, इसका जीवन की लंबाई से कोई सीधा संबंध नहीं होता।
हृदय रेखा (Heart Line)
यह रेखा छोटी उंगली के नीचे से शुरू होकर तर्जनी या मध्यमा उंगली की ओर जाती है।
यह भावनाओं, प्रेम संबंधों और हृदय की संवेदनाओं को दर्शाती है।
गहरी, साफ और लंबी रेखा भावनात्मक स्थिरता का प्रतीक मानी जाती है।
मस्तिष्क रेखा (Head Line)
यह रेखा तर्जनी और अंगूठे के बीच से शुरू होती है और हथेली के मध्य से होकर जाती है।
यह सोचने की शैली, बुद्धिमत्ता और निर्णय क्षमता को दर्शाती है।
अगर यह रेखा सीधी हो तो व्यक्ति तर्कशील होता है और यदि मुड़ी हुई हो तो कल्पनाशील माना जाता है।
भाग्य रेखा (Fate Line)
यह रेखा हथेली के नीचे से ऊपर की ओर जाती है, कभी-कभी मस्तिष्क या हृदय रेखा को काटती है।
यह रेखा करियर, जीवन के उतार-चढ़ाव और भाग्य के प्रभाव को दर्शाती है।
यह हर व्यक्ति के हाथ में नहीं होती और इसका न होना यह नहीं दर्शाता कि व्यक्ति भाग्यहीन है।